March 06, 2026


श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मे श्री 1008 रत्नत्रय विधान महोत्सव।

रायपुर - युग श्रेष्ठ पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री 108 सुयश सागरजी महाराज वी मुनि श्री 108 कौशल सागर जी महाराज के सान्निध्य में आज श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड प्रांगण में सर्वप्रथम देव आह्वान, गुरु आह्वान, के पश्चात घट यात्रा बड़े मंदिर प्रारंभ होकर जैन स्तूप कोतवाली होकर पुनः मंदिर जी में पहुंची पंचायत के मैनेजिंग ट्रस्टी नरेंद्र जैन गुरुकृपा एवं अध्यक्ष यशवंत जैन ने बताया,घट यात्रा के मुख्य कलश के लाभार्थी बनने का शौभाग्य श्रीमति मुन्नी देवी जैन को प्राप्त हुआ।

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    आज गुरुवार, 5 मार्च 2026 

उपाध्यक्ष एवं  मीडिया प्रभारी लोकेश चंद्रकांत जैन ने आगे जानकारी प्रदान कि प्रातः 7.40 बजे ध्वजारोहणकर्ता परिवार श्री इंद्रकुमार, अनिलकुमार जैन परिवार,भाटापारा वाले उपस्थिति में नवनिर्मित शुद्ध जल के कुएं के लाभार्थी  बनकर उद्घाटन के पश्चात मंदिर जी को सौंपा, तत्पश्चात रत्न्त्रविधान मंडप का उद्घाटन श्री अमरचंदजी सोहनी देवी, यशवंत- जया, किशोर - वनिता, महेंद्र, मेघा जतीन जी, गौरव, आलोक जैन परिवार को प्राप्त हुआ, आचार्य निमंत्रण, मंडप आशुद्धि, नंदी मंडल, सकली करण, इंद्र प्रतिष्ठा, तत्पश्चात सभी प्रमुख पात्रों के द्वारा श्री जी को बाजे गाजे से नगर भ्रमण करते हुए समोसरण में विराजित किया ,सामूहिक अभिषेक के पश्चात समोंशरण में चांदी की पांडुशिला में विराजित श्रीजी की वृहद शांतिधारा मुनि श्री मुखारविंद से उच्चारित मंत्रों को श्री भरतजी जैन हर्षवर्धन शिल्पा, प्रिंस सृष्टि, रिया, माही वैदिक जैन भोरावत परिवार को करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। विधान में उपस्थित वरिष्ठ जन एवं ट्रस्टियों ने आचार्य श्री के चित्र अनावरण कर दीप प्रवजलन किया, अखंड दीप प्रज्वलन पुण्यार्जक श्री नरेश, सुरेश, रमेश सविता पाटनी परिवार हुए, नित्यमह पूजन, प्रतिष्ठाचार्य अजीत शास्त्री जी एवं पं शशिकांत शास्त्री (ग्वालियर) के मार्गदर्शन में शुरू हुई।


       पूज्यमुनि श्री 108 सुयश सागर जी महाराज के प्रवचन में रत्न्त्रविधान की महत्ता बताई और बताया जिस प्रकार भारत में समर्पण भावना के साथ निस्वार्थ श्रेष्ठ कार्यों के बाद प्राप्त प्रतिफल सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिया जाता है उसी प्रकार इस संसार की समस्त जन्म - मरण से मुक्ति पाना है तो जैनधर्म अनुसार सम्यक रत्न (सम्यक दर्शन समय ज्ञान और सम्यक चारित्र )को प्राप्त करना होगा और इस सम्यक रन को प्राप्त करने का मार्ग रत्नत्रय विधान से प्रारंभ होता है। श्री दिगंबर जैन पंचायत ट्रस्ट, कार्यकारिणी, उपसमिति, महिला मंडल, जैन युवा महासभा एवं सकल जैन समाज रायपुर राजधानी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव के रूप में रत्नत्रय विधान में बैठकर पुण्य लाभ लेवे।


   कार्यक्रम का आभार सचिव सुजीत जैन ने किया ।

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