रायपुर - शहर में Jainam Academy की संस्थापक दीपाक्षा जैन ने अपने पहले ही आयोजन में अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए महिला सशक्तिकरण और भारतीय संस्कृति का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। मात्र 6 महीनों में 4 शाखाएँ स्थापित कर उन्होंने नेतृत्व और संकल्प की मिसाल कायम की है।

इस भव्य कार्यक्रम में 108 से अधिक महिलाओं का पारंपरिक एवं गरिमामयी तरीके से श्रीफल (नारियल), शॉल, पगड़ी, फ्रेम एवं प्रतीक चिन्ह के साथ अभिनंदन किया गया। साथ ही 2 बड़े बैनरों में सभी 108 महिलाओं के नाम प्रमुखता से प्रदर्शित किए गए।
कार्यक्रम में टैलेंट राउंड का विशेष आकर्षण रहा, जिसमें बच्चों एवं माँ-बच्चों के मनमोहक डांस प्रस्तुत किए गए। बच्चों को प्रोत्साहित करने हेतु मेडल, सर्टिफिकेट, मोमेंटो, पेन एवं कॉपी वितरित किए गए।
विशेष रूप से विभिन्न श्रेणियों (Categories) जैसे—
स्पेशल चाइल्ड मॉम, हैंडीक्राफ्ट एवं अन्य प्रतिभाओं को अलग-अलग सम्मान प्रदान किया गया, जिससे हर वर्ग की महिलाओं को पहचान मिली।
कार्यक्रम में 10 से अधिक सामाजिक संस्थाओं (NGO) की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से उम्मीद की किरण, लाहोटी मित्र मंडल सहित अन्य संस्थाएँ शामिल रहीं। इन सभी का पारंपरिक रूप से सम्मान किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख अतिथियों में
डॉ. वर्णिका शर्मा (राज्य मंत्री दर्जा), श्री चंद सुंदरानी (पूर्व विधायक), कमलेश जैन, लक्ष्मी नारायण लाहोटी, इला गुप्ता एवं अजंता चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने हेतु ₹3500 का नकद पुरस्कार एवं आकर्षक उपहार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम को और भव्य बनाने के लिए 4 कैमरों के माध्यम से YouTube पर लाइव प्रसारण किया गया, जिससे यह आयोजन देश ही नहीं बल्कि विश्व स्तर तक पहुँचा।
इस आयोजन की एक खास पहल यह रही कि सभी अतिथियों, महिलाओं एवं प्रतिभागियों की फोटो समाचार पत्रों में प्रकाशित की गईं, तथा लगभग 250 से अधिक समाचार पत्रों की प्रतियाँ सभी को वितरित की गईं।
250 से अधिक लोगों की प्रभावशाली उपस्थिति, सुव्यवस्थित डिनर एवं नाश्ते की व्यवस्था, तथा सुरक्षा हेतु बाउंसर की तैनाती ने आयोजन को अत्यंत सफल और अनुशासित बनाया।
सबसे प्रेरणादायक पहलू यह रहा कि दीपाक्षा जैन ने अपने मात्र डेढ़ वर्ष के पुत्र के साथ इस भव्य आयोजन का सफल संचालन किया।
इस आयोजन की सफलता में उनके पति सीए अतुल जैन का विशेष एवं महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिसकी जानकारी स्वयं दीपाक्षा जैन ने साझा की।
???? “यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सम्मान, संस्कृति और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त अभियान बन गया।”