बिलासपुर, 2 अक्टूबर 2026 - समाज के साथ मिलकर काम करने और बच्चों के साथ खुशियाँ बाँटने के भाव से गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय), बिलासपुर के समाज कार्य विभाग में 'स्वागत संवाद 2026' आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल एवं कुलसचिव प्रो. अश्विनी कुमार दीक्षित की उपस्थिति में हुए इस आयोजन में विश्वविद्यालय और भारतीय जैन संघटना के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही जीजीवी शिक्षा मित्र संस्कार योजना के बच्चों के साथ संवाद, केक काटने और उपहार वितरण ने कार्यक्रम को आत्मीय बनाया।
विश्वविद्यालय एवं भारतीय जैन संघटना (बीजेएस) के बीच हुआ यह समझौता विश्वविद्यालय के सोशल कनेक्ट कार्यक्रम की 'वस्त्र संगम' पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 'सहयोग से समृद्धि' के ध्येय पर आधारित यह पहल Reuse, Recycle और Upcycle, अर्थात वस्त्रों के दोबारा उपयोग, पुनर्चक्रण और उन्हें नया उपयोगी रूप देने के सिद्धांतों पर कार्य करती है। इसका उद्देश्य वस्त्रों और संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए समाज में सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ाना है। कार्यक्रम में पौधरोपण एवं दीप प्रज्वलन के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया।
माननीय कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल ने भारतीय जैन संघटना के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों से समुदाय के लिए अधिक सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा के साथ एक अच्छा इंसान बनने को जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। दूसरों की आवश्यकताओं को समझने, उन्हें सम्मान देने और सहायता के लिए आगे आने को उन्होंने मानवीय मूल्यों की पहचान बताया। विद्यार्थियों को करुणा, ईमानदारी, सहयोग और सेवा अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने 'सहयोग से समृद्धि' का संदेश दिया। उनके उद्बोधन का केंद्रीय भाव था कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयास समाज में सार्थक बदलाव ला सकते हैं और विश्वविद्यालय की सामाजिक पहल इन मूल्यों को व्यवहार में उतारने का अवसर प्रदान करती हैं।
सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
कार्यक्रम में जीजीवी शिक्षा मित्र संस्कार योजना के बच्चों के साथ संवाद विशेष आकर्षण रहा। बच्चों के साथ केक काटा गया और उन्हें उपहार वितरित किए गए। विश्वविद्यालय नेतृत्व, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने बच्चों के साथ समय बिताकर उनकी खुशियों में सहभागिता की। इस आत्मीय वातावरण ने बच्चों को प्रोत्साहन और अपनत्व का अनुभव कराया तथा विश्वविद्यालय और समुदाय के बीच संबंधों को और सुदृढ़ किया।
भारतीय जैन संघटना की ओर से श्री अमरेश जैन, सचिव, बीजेएस, रायपुर (छत्तीसगढ़), श्री संजय जैन, श्री अजय जैन एवं श्री अभिनव जैन उपस्थित रहे।
समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह से संबंधित समिति के सदस्य प्रो. अनुपमा सक्सेना, राजनीति विज्ञान एवं लोक प्रशासन विभाग; प्रो. भारती अहिरवार, विशेष कार्य अधिकारी, विश्वविद्यालय; प्रो. हरित झा, जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा प्रो. नीलकंठ पाणिग्रही, मानव विज्ञान एवं जनजातीय विकास विभाग भी उपस्थित रहे।
समाज कार्य विभाग से विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना यादव, प्रो. प्रतिभा जे. मिश्रा, प्रो. सस्मिता पटेल, सह प्राध्यापक डॉ. संग्या त्रिपाठी, सहायक प्राध्यापक डॉ. संदीप मोरिशेट्टी, श्री सुमन लकड़ा एवं डॉ. मोहिनी गौतम, तथा अतिथि शिक्षक डॉ. सुनील कुमार एवं सुश्री एलिस एंजेल तिर्की ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
विभाग के शोधार्थियों प्रांजलि शर्मा, ऐश्वर्य जायसवाल, संगीत यादव, आस्था जैन, मोहम्मद बाकर, मनीष साहू, कुणाल वर्मा, प्रिया साही, ममता सोनवानी, झाम मांडले एवं वेदिका दीवान के साथ बीएसडब्ल्यू और एमएसडब्ल्यू विद्यार्थियों हर्षित राय, आशीष, हर्षिता, पूजा, सोम्य ध्रुव, राज सिंह, अविनाश सिंह, युवराज सिंह, शौर्य तिवारी एवं आदिश ने सक्रिय सहभागिताअन्य विद्यार्थियों के विद्यार्थियों तथा शिक्षा मित्र संस्कार योजना के विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। विभाग के हाउसकीपिंग कर्मचारी श्री शिवा पटेल ने भी आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। बी अक्षरों की छात्रा तड़का तिवारी ने मंच संचालन किया।
समाज कार्य विभाग की वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. प्रतिभा जे. मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम के अंत में समाज कार्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना यादव ने आभार व्यक्त किया।
'स्वागत संवाद 2026' में शिक्षा, सेवा और सहयोग का भाव एक साथ दिखाई दिया। 'वस्त्र संगम' के लिए हुए समझौते और बच्चों के साथ साझा किए गए आत्मीय पलों ने समाज से जुड़कर काम करने की विश्वविद्यालय की पैदल यात्रा को आगे बढ़ाया।
इस साझेदारी का संकल्प है - सामुदायिक विकास के लिए मिलकर कार्य करना और समुदाय एवं अकादमिक जगत के बीच जुड़ाव को सशक्त बनाना। समाज कार्य विभाग के माध्यम से विद्यार्थियों की ऊर्जा, शिक्षकों के ज्ञान और समुदाय के अनुभवों को जोड़कर सहभागिता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को नई दिशा मिलेगी। ‘सहयोग से समृद्धि’ के ध्येय तथा Reuse, Recycle एवं Upcycle की भावना से जुड़ी ‘वस्त्र संगम’ पहल इस सहयोग को सार्थक रूप देगी।
आयोजन का दूसरा विशेष आकर्षण बच्चों के साथ कुलगुरु के स्नेह और संवाद के यादगार पल!
जीजीवी शिक्षा मित्र संस्कार योजना के बच्चों ने योजना की नोडल अधिकारी डॉ. ज्योति वर्मा एवं स्वयंसेवकों के साथ आयोजन में सहभागिता की। माननीय कुलगुरु प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल जी ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया, उनके साथ केक काटा, अपने हाथों से उन्हें केक खिलाया और सभी बच्चों को उपहार वितरित किए। बच्चों के प्रति उनका विशेष स्नेह और ध्यान हर पल में झलकता रहा। कुलगुरु जी का यह अपनत्व बच्चों को विश्वविद्यालय परिवार से जोड़ता है और उनके सपनों को आगे बढ़ने का हौसला देता है।