केसिंगा - अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में सीपीएस एकेडमी फॉर लीडरशिप एंड एक्सीलेंस के अंतर्गत तेरापंथ युवक परिषद, केसिंगा द्वारा आयोजित सात दिवसीय कॉन्फिडेंट पब्लिक स्पीकिंग प्रशिक्षण कार्यशाला का दीक्षांत समारोह रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को स्थानीय तेरापंथ भवन में युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनिश्री हिमांशु कुमारजी एवं मुनिश्री हेमंत कुमारजी के पावन सान्निध्य में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। 12 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यशाला में कुल 34 संभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 20 महिलाएं एवं 14 पुरुष शामिल थे।
इस सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों के भीतर मंच पर बोलने के भय को दूर करना, आत्मविश्वास विकसित करना तथा प्रभावशाली वक्तृत्व कला के विभिन्न आयामों से परिचित कराना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने मंच पर खड़े होने की सही शैली, शारीरिक हाव-भाव, श्रोताओं से संवाद स्थापित करने, निर्धारित समय में अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने तथा प्रस्तुतीकरण की कला जैसे महत्वपूर्ण गुणों को सीखा। कार्यशाला के सभी सत्रों में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह, लगन एवं सक्रियता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला के प्रथम दो दिनों में प्रशिक्षक श्री ऋषभ जी मंडोत ने प्रतिभागियों को वक्तृत्व कला की बुनियादी बारीकियों एवं आत्मविश्वास के साथ बोलने का प्रशिक्षण दिया। तीसरे एवं चौथे दिन श्रीमती डिंपल सीयाल ने प्रशिक्षण प्रदान करते हुए प्रभावी संवाद, प्रस्तुतीकरण एवं मंच संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। कार्यशाला के शेष सत्रों में भी प्रतिभागियों को अपने व्यक्तित्व एवं वक्तृत्व कौशल को निखारने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस क्रमबद्ध प्रशिक्षण ने प्रतिभागियों को अपनी झिझक दूर कर एक प्रभावी वक्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि ओडिशा के प्रसिद्ध साहित्यकार श्री तुलसीराम जी जैन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के सह संगठन मंत्री द्वितीय श्री महेश जी परमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थानीय तेरापंथ सभा के अध्यक्ष श्री रामकुमार जी जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीपीएस जोनल ट्रेनर श्री गणेश जी बम्ब, तेरापंथ युवक परिषद केसिंगा के शाखा प्रभारी श्री गौतम जी जैन, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य श्री विकास जी तथा अभातेयुप युवा लोक के राष्ट्रीय प्रभारी श्री ऋषभ जी छाजेड़ की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह का शुभारंभ मुनिश्री हिमांशु कुमारजी के मंगल पाठ से हुआ । इसके पश्चात तेरापंथ युवक परिषद केसिंगा के अध्यक्ष श्री अभिषेक जी जैन ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में सभी अतिथियों एवं उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं का स्वागत किया। उन्होंने तेरापंथ युवक परिषद के गौरवशाली इतिहास, युवाओं के व्यक्तित्व विकास में परिषद की भूमिका तथा कॉन्फिडेंट पब्लिक स्पीकिंग कार्यशाला के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से युवाओं एवं अन्य संभागियों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के लिए सक्षम बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया था, वह सार्थक होता दिखाई दे रहा है । प्रतिभागियों में आए सकारात्मक परिवर्तन इस प्रशिक्षण की सफलता को दर्शाते हैं।
दीक्षांत समारोह के दौरान सभी 34 संभागियों को पूर्व संध्या पर एक-एक विषय प्रदान किया गया था, जिस पर उन्हें निर्धारित समय में अपना वक्तव्य प्रस्तुत करना था। सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने विषय पर अत्यंत सुंदर, प्रभावशाली एवं आत्मविश्वासपूर्ण ढंग से विचार प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुति ने यह प्रमाणित किया कि सात दिनों के प्रशिक्षण से उन्होंने अपनी वक्तृत्व क्षमता को निखारने तथा मंच पर प्रभावी ढंग से बोलने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रतिभागियों के प्रदर्शन को देखकर उपस्थित अतिथियों ने कार्यशाला की मुक्तकंठ से सराहना की।
मुख्य अतिथि श्री तुलसीराम जी जैन ने अपने उद्बोधन में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि निर्धारित समय में अपनी बात को सारगर्भित, प्रभावशाली एवं आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना एक महत्वपूर्ण कला है। आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति के लिए अपनी बात स्पष्टता एवं प्रभाव के साथ रखने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने परिषद द्वारा इस दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए प्रतिभागियों को निरंतर अभ्यास करने और अपने कौशल को आगे भी निखारते रहने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री महेशजी परमार सहित अन्य अतिथियों ने भी प्रशिक्षण कार्यशाला एवं उसके परिणामों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वक्तृत्व कला केवल मंच पर बोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और प्रभावी संवाद का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इस प्रकार की कार्यशालाएं युवाओं में नेतृत्व के गुण विकसित करने तथा उन्हें समाज के प्रति अधिक सक्रिय एवं जिम्मेदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर मुनिश्री हिमांशु कुमारजी ने अपने मंगल उद्बोधन में बोलने की कला के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने प्रभावी वक्तव्य के लिए विचारों की स्पष्टता, वाणी की मर्यादा, आत्मविश्वास एवं विषय की समझ को आवश्यक बताया। उनका प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रतिभागियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी रहा। कार्यक्रम का समापन भी मुनिश्री हिमांशु कुमारजी के मंगल पाठ के साथ हुआ।
कार्यशाला के सफल समापन पर सभी 34 संभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह प्रमाण पत्र उनके सात दिवसीय प्रशिक्षण में सहभागिता, विभिन्न सत्रों से प्राप्त सीख तथा स्वयं को बेहतर बनाने के प्रयासों का प्रतीक रहा। दीक्षांत समारोह ने प्रतिभागियों को अपने भीतर विकसित हुए आत्मविश्वास को प्रदर्शित करने और भविष्य में विभिन्न मंचों पर अपनी प्रतिभा का परिचय देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में तेरापंथ युवक परिषद केसिंगा के मंत्री श्री राहुल जैन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, कार्यक्रम अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथि, सभी प्रशिक्षकों, अतिथियों, संभागियों तथा उपस्थित समस्त श्रावक-श्राविकाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही कार्यशाला को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों का धन्यवाद किया।
तेरापंथ युवक परिषद केसिंगा द्वारा आयोजित यह सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला केवल एक वक्तृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रतिभागियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास निर्माण एवं नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुई। 34 संभागियों की सक्रिय सहभागिता और दीक्षांत समारोह में उनके प्रभावशाली वक्तव्यों ने इस आयोजन की सफलता को साकार रूप प्रदान किया।
19 Oct 2026