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पटवा भवन में सजेगी भगवान महावीर स्वामी के भवों की जीवंत झांकी।

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45 तपस्वियों की 50 दिन की कठिन साधना पूर्ण, पंच परमेष्ठी सिद्धि तप की संपूर्णता पर 20 सितंबर को शाही पारणा।

रायपुर - विवेकानंद नगर में सर्वमंगलमय वर्षावास 2026 अंतर्गत श्री पंच परमेष्ठी श्रेणी तप के निमित्त आयोजित तीन दिवसीय रत्नत्रयी महोत्सव के अंतिम दिवस रविवार को धर्म, तप और भक्ति का संगम दिखाई देगा। श्री पंच परमेष्ठी सिद्धि तप की 49 दिवसीय साधना पूरी करने वाले 45 तपस्वियों का 20 सितंबर को शाही पारणा कराया जाएगा। शाम को पटवा भवन में भगवान महावीर स्वामी के भवों की जीवंत झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी।

रविवार सुबह 7 बजे श्री ज्ञानवल्लभ उपाश्रय विवेकानंद नगर में तप माला एवं नांद की क्रिया-ज्ञान होगी। मुनिभगवंतों द्वारा 45 तपस्वियों को तप माला प्रदान की जाएगी। इसके बाद सुबह 9 बजे श्री रत्नप्रभ श्री भवन में शाही तपस्या का शाही पारणा होगा। इस अवसर पर लाभार्थी परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविका उपस्थित रहेंगे। 


बच्चे-बड़ों की टीम प्रस्तुत करेगी प्रभु महावीर के भवों की झांकी

शाम 5.30 बजे ‘द लिगेसी ऑफ महावीर’ कार्यक्रम पटवा भवन में होगा। इसमें समाज के बच्चे और बड़े मिलकर भगवान महावीर स्वामी के भवों की जीवंत झांकी प्रस्तुत करेंगे। इसके लिए भंसाली परिवार कल्पवृक्ष के निवास स्थान से भव्य रथयात्रा निकलेगी। बैंड-बाजे और धार्मिक माहौल के बीच रथयात्रा पटवा भवन पहुंचेगी। यहां क्षत्रिय कुंड नगरी के द्वार का उद्घाटन किया जाएगा।

14 बग्गियों में सवार होकर पटवा भवन पहुंचे 45 तपस्वी।

रत्नत्रयी महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। परम पूज्य मुनि श्री संवेगरत्न सागर जी म.सा. आदि ठाणा-5 के सान्निध्य में सुबह करीब 7.30 बजे 21 दिवसीय दादागुरुदेव इकतीसे के निमित्त मूर्ति, कलश, दीपक और तोरण स्थापना की गई। इसके बाद सुबह 8.30 बजे श्री संभवनाथ जिनालय, विवेकानंद नगर से पटवा भवन तक भव्य रथयात्रा निकाली गई। धर्मध्वजा और बैंड-बाजे के साथ निकली रथयात्रा में 14 बग्गियों में 45 तपस्वी सवार होकर पटवा भवन पहुंचे। पटवा भवन में लाभार्थी परिवार की ओर से सभी तपस्वियों का तिलक, माला, श्रीफल और पद प्रक्षालन कर अभिनंदन किया गया। शाम 7 बजे से यहां भक्तिमय गीत-संगीत का आयोजन हुआ।

2 अगस्त से चल रही थी 50 दिवसीय तपस्या पूर्ण।

चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया और महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि 2 अगस्त से शुरू हुई 50 दिवसीय श्री पंच परमेष्ठी सिद्धि तप की साधना 19 सितंबर को पूर्ण हुई। 45 तपस्वियों ने कठिन तपस्या पूरी की। तप की संपूर्णता के अवसर पर 20 सितंबर को शाही पारणा कराया जाएगा।सर्वमंगलमय वर्षावास चातुर्मास समिति विवेकानंद नगर अंतर्गत श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट रायपुर ने समाजजनों से बड़ी संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।

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