बिलासपुर - श्री दिगम्बर जैन समाज द्वारा दसलक्षण महापर्व का आठवाँ दिन "उत्तम त्याग" धर्म के रूप में मनाया गया। समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज एवं आचार्य श्री समय सागर महाराज की शिष्या आर्यिका श्री 105 अकम्प मति माता जी, आर्यिका श्री 105 अचल मति माता जी के सानिध्य में 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, क्रातिनगर में विभिन धार्मिक कार्यक्रम हो रहें है । प्रवचन मे माताजी ने बताया कि धन से सुख नहीं त्याग से है, सुख पांच इंद्रियां से और आंनद त्याग से मिलता है को प्रवचन मे समझाया।
पर्व के दौरान बाहर से आए सभी श्रावक श्राविकाओ के भोजन की व्यवस्था समाज के संरक्षक श्रीमंत सेठ प्रवीण शकुन जैन, श्रीमंत सेठ विनोद रंजना जैन, सुकुमार सरिता जैन परिवार की तरफ से क्रांतिनगर जैन भवन मे की गई है। जिसका लाभ प्रतिदिन लोग ले रहे है।