रायपुर - नवकार नगर स्थित श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय एवं मणिधारी दादाबाड़ी में आयोजित 11 दिवसीय दादा गुरुदेव एकतीसा भक्ति महोत्सव के आठवें दिन भक्ति, श्रद्धा और गुरु आराधना का अद्भुत संगम देखने को मिला। महाभक्ति प्रतियोगिता में विभिन्न महिला मंडलों ने अपनी भावपूर्ण एवं आकर्षक प्रस्तुतियों से दादा गुरुदेव के चरणों में भक्ति अर्पित की।
आठवें दिन की महाभक्ति प्रतियोगिता में लोढ़ा विंग्स ने अपनी प्रभावशाली, भावपूर्ण एवं सुमधुर भक्ति प्रस्तुति से प्रथम स्थान प्राप्त कर उपस्थित श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया। पार्श्व कुशल महिला मंडल, भिलाई-3 ने द्वितीय तथा संस्कृति महिला मंच, भाटापारा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सिमंधर महिला मंडल की सदस्यों द्वारा दादा गुरुदेव के एकतीसा पाठ के साथ किया गया। इसके पश्चात विभिन्न महिला मंडलों ने मधुर सुर-ताल, भावपूर्ण भजनों और आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु भक्ति की अनुपम छटा बिखेरी।
महिलाओं की भक्ति बनी विशेष आकर्षण
आठवें दिन महिला मंडलों की भक्ति प्रस्तुतियां आयोजन का विशेष आकर्षण रहीं। महिलाओं ने अपनी प्रस्तुतियों में भक्ति के साथ-साथ गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आत्मीय भावों को सुंदर ढंग से अभिव्यक्त किया। भजनों के मधुर स्वर और भक्तिमय वातावरण से पूरा जिनालय परिसर गुरु भक्ति में सराबोर हो गया।
प्रसिद्ध गायक रवि चोपड़ा ने भी अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में रंग जमा दिया। उनकी प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते नजर आए। दादा गुरुदेव के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा और प्रत्येक प्रस्तुति के बाद श्रद्धालुओं ने तालियों से प्रतिभागी मंडलों का उत्साहवर्धन किया।
जीत के बाद गुरुदेव की आरती और मंगल दीपक
प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद लोढ़ा विंग्स की सदस्यों ने दादा गुरुदेव की आरती एवं मंगल दीपक किया। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। विजेता मंडल की सदस्यों ने अपनी सफलता को गुरुदेव के चरणों में समर्पित करते हुए श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की।
प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में भूपेंद्र जी एवं रेखा जी राय सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। निर्णायकों ने प्रतिभागी मंडलों का मूल्यांकन सुर-ताल, भाव, प्रस्तुति, अनुशासन एवं गुरु भक्ति की अभिव्यक्ति के आधार पर किया। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रसन्न चोपड़ा ने किया।
स्नेह तरंग ग्रुप रहा पुरस्कारों का लाभार्थी
आठवें दिन के पुरस्कारों के लाभार्थी स्नेह तरंग ग्रुप रहे। आयोजकों ने बताया कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में भक्ति के साथ संस्कारों को भी मजबूत करते हैं। गुरु भक्ति के माध्यम से नई पीढ़ी को धर्म, संस्कार, अनुशासन और जिनशासन से जोड़ने का यह प्रभावी माध्यम है।
महोत्सव के दौरान दादा गुरुदेव की आराधना, एकतीसा पाठ एवं विभिन्न भक्ति कार्यक्रम निरंतर जारी हैं। मंदिर प्रतिष्ठा के पश्चात पहली बार आयोजित हो रहे इस 11 दिवसीय भक्ति महोत्सव को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह और उमंग का वातावरण बना हुआ है।चाहें तो मैं इसका और ज्यादा प्रभावशाली अखबार वाला हेडलाइन + 2 लाइन का सब-हेडिंग भी बना सकता हूँ।