रायपुर - श्री विमलनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट एवं चातुर्मास समिति के तत्वावधान में आयोजित लगभग 60 निगोद एवं शांतिकर्म तपस्वियों का पारणा महोत्सव आज अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ।
हजारों की संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में श्री शांति गुरु मंदिर आम्रपाली से भव्य वरघोड़ा निकाला गया। 10 से अधिक बग्गियों में सवार तपस्वियों का सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने झूमते-नाचते अभिवादन किया। वरघोड़ा यात्रा पूर्ण करते हुए विमलनाथ जैन मंदिर पहुंचा, जहां प्रभु वंदन के पश्चात हीर सूरी भवन में बहुमान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पारणा की बोली अमर चंपा बैद परिवार व कोचर परिवार ने ली थी, लेकिन उनकी सहमति से सर्वाधिक माला फेरने की बोली लगाने वाले परिवार को भी प्रथम पारणा कराने का लाभ दिया गया। बर्डिया परिवार, महासमुंद ने एक वर्ष में परिवार सहित 2 लाख 35 हजार माला फेरने की ऐतिहासिक बोली लगाई और प्रथम पारणा कराने का सौभाग्य प्राप्त किया।
कार्यक्रम में गजराज जी पगारिया, नैवेद्य परिवार एवं शांतिलाल जी पोरवाल परिवार का सम्मान किया गया। केशर छांटा तेली बोली एवं शासन देवी पधारने की बोली समदड़िया परिवार ने ली।
तपस्वियों का चरण प्रक्षालन, माला, टीका, शॉल एवं प्रभावना द्वारा बहुमान किया गया। कार्यक्रम में समरथ मंडल, विमल विंग्स, जैन विहार ग्रुप एवं भैरव भक्त मंडल ने अहम भूमिका निभाई। वरघोड़े की व्यवस्था लूणकरण परिवार एवं दिलीप पारख द्वारा संभाली गई। भोजन एवं पारणे की व्यवस्था भैरव भक्त मंडल व समरथ मंडल द्वारा तथा एकासना की व्यवस्था लोढ़ा भाईपा द्वारा की गई।
कार्यक्रम में आत्मनिश्रा साध्वीवर्या सिद्धांत ज्योति जी म.सा. आदि ठाणा की निश्रा रही। गजराज पगारिया जी ने अपने उद्बोधन में गुरुवर्या के विशिष्ट गुणों पर संस्मरण साझा किए। साध्वीवर्या ने निगोद तप, एकासना एवं तप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अध्यात्म मार्ग में आगे बढ़ने का संदेश दिया।अपनी विशिष्ट शैली में अंकित लोढ़ा ने भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस पूरे कार्यक्रम में राजेश सिंघी, रवि दोषी, भरत सोनीगरा, आशीष डाकलिया, दीपक नहाटा, शशांक कानूंगा, प्रवीण सोनीगरा, ललित ,सेठियाआदि सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
07 Sep 2026