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त्याग के बाद त्याग के ममत्व को त्याग देना ही " उत्तम आकिंचन्य" धर्म

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बिलासपुर - दसलक्षण महापर्व 2026

बिलासपुर - आत्म कल्याण के इस महापर्व में प्रतिदिन बिलासपुर स्थित तीनों जैन मंदिर जी में प्रातः अभिषेक पूजन के साथ,  प्रवचन प्रातः क्रांति नगर मंदिर जी में हो रहे। दोपहर में क्रांतिनगर मंदिर जी में स्वाध्याय करवाया जा रहा। सांध्यकालीन कार्यक्रम में क्रांतिनगर मंदिर जी में  सामायिक, तत्पश्चात तीनों मंदिर में संगीतमय आरती, रात्रि में क्रांतिनगर जैन मंदिर के नायक हाल में धार्मिक/सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हो रहे।  "उत्तम आकिंचन्य" के शुभ अवसर पर कार्यक्रम प्रस्तुत किया। गुरुवार शाम को "सूरमयी शाम" संदीप जैन द्वारा संचालित किया गया। 

तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन

पर्व के नौवें दिन "उत्तम तप " पर तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन  संयम जैन, अनिल जैन, निपुण जैन, अनमोल जैन, आकृत जैन, सम्यक जैन, ओम जैन, विशिष्ट जैन, वरुण जैन, सम्भव जैन ने किया। वाचन से पूर्व सभी ने अभिषेक शांति धारा किया।

त्याग के बाद त्याग के ममत्व को त्याग देना ही " उत्तम आकिंचन्य" धर्म है

प्रवचन में माताजी ने बताया कि अनावश्यक वस्तुओं का त्याग कर आवश्यक चीजों के साथ अपने जीवन को व्यतीत करना आकिंचन धर्म है। ममत्व के परित्याग को ही आकिंचन्य कहा गया है "त्याग के बाद त्याग के ममत्व को त्याग देना ही उत्तम आकिंचन्य धर्म है।"

"जोड़ी कमाल की" आज

पर्व के दौरान प्रतिदिन कई धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।इसी कड़ी में सखी ग्रुप द्वारा "जोड़ी कमाल की" कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा।

इस अवसर पर श्रीमंत सेठ प्रवीण जैन, विनोद जैन, सनत जैन, समाज के अध्यक्ष दीपक जैन, जय कुमार जैन, शैलेश जैन, डॉ. अरिहंत जैन, कैलाश जैन, अरुण जैन, दिनेश संध्या जैन, विशाल जैन, डॉ प्रकाश वासल, राकेश जैन, अरविन्द जैन, अमित जैन, अंशुल जैन, गौरव जैन, रमेश जैन, सोमेश जैन, प्रभाष जैन, अरविन्द जैन, शरद जैन  पंकज पंचायती, बाहुबली जैन, विजय जैन, भूपेन्द्र चंदेरिया, सुप्रीत जैन, रजनीश जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे।

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