जामगांव आर - भखारा राल जैन समाज के तत्वाधान में आयोजित बहुमान समारोह में मुमुक्षु बहन काजल नाहर गातापार का दीक्षा के पहले कृषि उपज मंडी भखारा के वृहगं प्रांगण में भव्य अभिनंदन सोमवार को किया गया। प्रारंभ में भगवान महावीर और गुरुओ की जयकारा के साथ भव्य बरगोड़ा नगर में निकली। बरगोड़ा एवं अभिनंदन समारोह में जामगांव आर, बटरेल, बेलहारी, सुरपा, ओदरागहन, निपानी, पचपेड़ी, भेलवाकूदा, बगदेही, कोसमर्रा, खोरपा, कसही कोर्रा, रानीताराई, गुजरा, पंदर, पाटन, नवागांव, भेलवाकूदा, तर्रागोंदी, सेमरा, भखारा, कुरुद, देवरी, जामगांवजी, दुर्ग, रायपुर, भिलाई, राजनांदगांव, बालोद, धमतरी, सरोना, कांकेर, राजिम, उड़ीसा के जैन श्री संघ सदस्य सहित सैकड़ों धर्म प्रेमी साक्षी बने। भखारा राल जैन समाज अध्यक्ष गौतम चंद चोरड़िया ने बताया कि श्री संघ ने सामूहिक गौतम प्रसादी ग्रहण किए। विख्यात गायक राहुल झाबक की संसंगीत भक्ति ने पूरे वातावरण को भक्ति के रंग में सराबोर रखा।सबके सराहनीय सहयोग से सफलतम अभिनंदन समारोह की यशोगान चर्चा जन समूह में व्याप्त रही।
मुमुक्षु काजल का परिवार एवं गुरु परिचय,,,
जैन भगवती दीक्षा ग्रहण करने वाली मुमुक्षु बहन बाल ब्रह्मचारिणी सुश्री काजल नाहर सुपौत्री पुखराज श्रीमती माडू बाई नाहर एवं सुपुत्री विनोद श्रीमती राखी नाहर गातापार की दीक्षा 4 सितंबर बीकानेर में संभावित है। दीक्षा बीकानेर राजस्थान में 4 सितंबर 2026 को वात्सल्य-मुक्ति के प्रणेता आचार्य प्रवर 1008 श्री रामलाल जी महाराज साहब के सानिध्य में एवं उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी महाराज साहब के मुखारविंद से संपन्न होगी।
आत्म कल्याण के लिए उत्कृष्ट प्लेटफार्म है दीक्षा,,,
मुमुक्षु बहन काजल नाहर ने कहा कि दुनिया में हमारा जन्म कर्मो का बंध काटते हुए आत्म कल्याण के लिए हुआ है इस बात को जानने वालों की कमी नहीं है लेकिन मानने वालों की संख्या विचारणीय है संतों का सतत सानिध्य मिला बात दिलों दिमाग की तह तक पहुंची और मन साधना की विशेष उत्कृष्ट प्लेटफार्म दीक्षा लेने तक पहुंच गई। उन्होंने कहा। कि अभिनंदन समारोह मायावी संसार से अलविदा की सिग्नल है। इसके बाद रिश्तों नातो से दूर गुरु आज्ञा में आत्म कल्याण के मार्ग पर चलते हुए भेंट होते रहेगी। उन्होंने कहा हर कोई मन पर नियंत्रण कर दीक्षा ले पाए ऐसा नहीं है। अच्छे आचरण के साथ मर्यादमयजीवन जिए और इस जीवन को सफल और सार्थक बनाए यही मंगल कामना है।
आशक्ति छोड़ विरक्ति में रमने का सुंदर व्यवस्था है दीक्षा,,,,
मुमुक्षु काजल नाहर ने कहा कि आशक्ति छोड़ विरक्ति में रमने का उत्तम व्यवस्था है गुरु चरणों को आत्मसात कर दीक्षा ग्रहण करना। यह मार्ग भौतिकवादी मायावी दुनिया में रमने वाले को पसंद नहीं आता है। लेकिन आत्म कल्याण के मूल धारणा को अंगीकार करने वालों को मेरी (मुमुक्षु बहन काजल की) तरह सौभाग्य नसीब हो जाती है। लेकिन जो इस मार्ग पर नहीं बढ़ पाते है उन्हें गृहस्थ जीवन में भी संत जीवन सा आचरण अवश्य करना चाहिए। संत मनीषी कहते है कुमार्ग अशांति छल कपट पापाचार से बचना है तो धर्म की राह चले, धर्म ही तो जीवन को मानवीय मूल्यों के तहत जीने की राह दिखाती है।
दुख के सागर में सुख की तलाश बेमानी है,,,,
मायावी संसार की विडंबना की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए मुमुक्षु बहन काजल ने कहा कि दुख के सागर में सुख की तलाश करना बेमानी है। धन है तो दुखी नहीं है तो दुखी स्वयं दुखी परिवार दुखी इस दुख से बाहर आने का रास्ता गुरु चरणों मिलती है। गुरु चरणों में संस्कार को पुष्ट करे बात मुझे समझ में आई और मेरे वीर माता श्री राखी देवी वीर पिता श्री विनोद वीर दादा श्री पुखराज वीर दादी श्री माडू देवी ने समय काल परिस्थिति को समझ कर मुझे आत्मा को परमात्मा बनाने के मार्ग पर चलने का आशीर्वाद प्रदान किया और आज 20 जुलाई 2026 को मुझे 80 वर्षों से।संचालित भखारा राल जैन समाज का आशीर्वाद भी मिला,तहेदिल सबको साधुवाद।
अभिनंदन समारोह के शिल्पकार गौतमचंद का हुआ सम्मान,,,
सोमवार को भखारा में आयोजित मुमुक्षु बहन काजल के अभिनंदन समारोह के शिल्पकार भखारा राल जैन समाज अध्यक्ष गौतमचंद चोरड़िया बटरेल का समाज ने उनके उत्कृष्ट एवं दृढ़ विचारों के साथ सफल आयोजन के लिए बहुमान किया।
समारोह में स्थानीय से लेकर प्रदेश स्तर के सामाजिक पदाधिकारी मोहनलाल बाफना, महेश नाहटा, गंभीरमल सांखला, कवि राधेलाल लोढ़ा, चंचल सांखला, सुरेश बाफना, कवि थानमल, तिलोकचंद ओसवाल, जमुना लाल नाहर, मोहनलाल नाहर, कन्हैयालाल गिडिया, इंदर सांखला, राहुल झाबक, देवेंद्र भंसाली, अमरचंद बाफना, सुभाष छाजेड़, नवीन देशलहरा, गोवर्धन कोचर, नीरू बैद, राजू डोसी आदि अभिनंदन समारोह के साक्षी बने। समाज के उच्च स्तरीय पदाधिकारियों का बहुमान भी किया गया।