हैदराबाद/रायपुर - परम पूज्य गुरुदेव सूरि सम्राट, राष्ट्ररत्न, अवंती तीर्थोद्धारक, खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा., पूज्य गणिवर्य श्री मयंकप्रभसागरजी म.सा. आदि ठाणा–9 की पावन निश्रा एवं पूज्या गणिनी प्रवरा श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा–34 की पावन सानिध्यता में श्री संघ शास्ता वर्षावास समिति, त्रयनगर के तत्वावधान में दिनांक 20 जुलाई 2026 को सिद्धाचल सोसायटी, प्रेम बाग से प्रारंभ हुए भव्य सामैया के साथ गुरुदेव श्री का श्री अजितनाथ पार्श्वनाथ जैन मंदिर, कोठी में मंगल प्रवेश संपन्न हुआ।
मंगल प्रवेश के उपरांत धर्मसभा का आयोजन हुआ। अजित पार्श्व युवा महिला संगठन द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया तथा अरुण खिवसरा ने स्वागत गीत के माध्यम से गुरुदेव श्री का अभिनंदन किया। तत्पश्चात् संघ अध्यक्ष प्रशांत श्रीमाल ने उपस्थित अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
धर्मसभा में पूज्य गुरुदेव श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि “प्रेम जीवन को गति देता है, जबकि मर्यादा का भय उसे सही दिशा प्रदान करता है।” उन्होंने प्रेम एवं मर्यादा के संतुलन को सफल, संयमित एवं सार्थक जीवन का आधार बताते हुए धर्ममय जीवन अपनाने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर पूज्या साध्वी श्री श्रेष्ठांजनाश्रीजी म.सा. ने भी प्रेरणादायी प्रवचन प्रदान कर श्रद्धालुओं को धर्माराधना हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर गुरुपूजन का लाभ श्रीमान् प्रकाशचंदजी, प्रशांतजी एवं आदित्यजी श्रीश्रीमाल परिवार ने प्राप्त किया। कामली का लाभ जैन रत्न सुरेन्द्रजी–सिद्धांतजी लूनिया परिवार ने प्राप्त किया। अंत में स्वामीवात्सल्य का आयोजन संपन्न हुआ, जिसका लाभ श्रीमती मंजुलाबेन धनवंतराय छगनलाल मेहता परिवार ने प्राप्त किया।
संगीतकार दर्शित गड़िया (जालना) ने अपनी सुमधुर वाणी एवं संगीतमय प्रस्तुति से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन श्री संघ शास्ता वर्षावास समिति के मानद् मंत्री श्री शीलकुमार जैन ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाज के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह जानकारी नेमिकांतिमणि टीम द्वारा संकलित की गई है।